रुद्राक्ष, चंदन और अन्य शुभ सामग्री से हस्तनिर्मित पवित्र जप माला। दैनिक मंत्र जप, जपा ध्यान और परमात्मा से गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने के लिए सर्वोत्तम।
जप माला (जिसे जपमाला या प्रार्थना माला भी कहते हैं) हिन्दू, बौद्ध और अन्य आध्यात्मिक परंपराओं में ध्यान और प्रार्थना के दौरान मंत्रों की गिनती के लिए उपयोग की जाने वाली मनकों की एक माला है। मानक जप माला में 108 मनके और एक बड़ा "गुरु मनका" (सुमेरु) होता है, जो एक चक्र की शुरुआत और अंत को चिह्नित करता है। वैदिक गणित में 108 की संख्या गहन आध्यात्मिक महत्व रखती है — यह अस्तित्व की पूर्णता और जीवात्मा तथा परमात्मा के बीच ब्रह्मांडीय संबंध का प्रतिनिधित्व करती है।
हम विभिन्न पवित्र सामग्रियों से बनी जप मालाएं प्रदान करते हैं: रुद्राक्ष माला (भगवान शिव के आंसू) शैव साधकों और सामान्य आध्यात्मिक अभ्यास के लिए; चंदन (सैंडलवुड) माला जो शीतल और शांत करने वाले गुणों के लिए प्रसिद्ध है; स्फटिक (क्रिस्टल) माला मन की स्पष्टता और शुद्धता के लिए; और कमल गट्टा माला देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए। प्रत्येक सामग्री अद्वितीय आध्यात्मिक कंपन रखती है और विभिन्न प्रकार के मंत्र जप और ध्यान अभ्यास के लिए उपयुक्त है।
मंत्र जप के दौरान जप माला का नियमित उपयोग गहन आध्यात्मिक लाभ देता है। यह जप के दौरान गिनती और लय बनाए रखने में सहायता करती है, जिससे मन पूरी तरह से मंत्र और उसके कंपनों पर केंद्रित हो सकता है। मनकों को घुमाने की स्पर्श संवेदना ध्यान के लिए एक भौतिक आधार बनाती है, जो मन को भटकने से रोकती है। समय के साथ, माला मंत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा को अवशोषित कर लेती है और स्वयं एक शक्तिशाली आध्यात्मिक साधन बन जाती है। यह एकाग्रता (धारणा) बढ़ाती है, ध्यान को गहरा करती है और आध्यात्मिक प्रगति को तेज करती है।
जप माला को दाएं हाथ में मध्यमा उंगली पर रखकर पकड़ें। अंगूठे से प्रत्येक मनके को अपनी ओर खींचते हुए एक मंत्र का जाप करें। तर्जनी उंगली का उपयोग न करें (क्योंकि यह अहंकार का प्रतीक है)। 108 बार जप के बाद जब आप गुरु मनके पर पहुंचें, तो उसे पार न करें — बल्कि माला को उलटकर विपरीत दिशा में जारी रखें। ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या काल (सायंकाल) में स्वच्छ, शांत स्थान पर अभ्यास करें।
उपयोग न होने पर अपनी जप माला को एक स्वच्छ कपड़े की थैली (गोमुखी) में रखें। इसे अशुद्ध स्थानों से दूर रखें। दूसरों को अपनी व्यक्तिगत जप माला छूने न दें, क्योंकि यह आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा को अवशोषित करती है। रुद्राक्ष की मालाओं को उनकी चमक बनाए रखने के लिए कभी-कभी थोड़ा सरसों या जैतून का तेल लगाएं। धागे को समय-समय पर बदलें यदि वह घिसने के संकेत दिखाए। अपनी माला के साथ श्रद्धापूर्वक व्यवहार करें — यह एक पवित्र आध्यात्मिक साधन है, केवल आभूषण नहीं।